कोयंबटूर, 21 अप्रैल 2026 — तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार में एक अनोखा और futuristic नजारा देखने को मिल रहा है। अभिनेता थलापति विजय की नई पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कझगम (TVK) के कोयंबटूर साउथ विधानसभा सीट से उम्मीदवार वी. सेंथिल कुमार ने पारंपरिक प्रचार शैली को पूरी तरह बदलते हुए एक humanoid रोबोट को अपने साथ मैदान में उतार दिया है। सोमवार 20 अप्रैल 2026 को Racecourse Road क्षेत्र में यह रोबोट TVK के लाल-पीले-नारंगी रंग के शॉल पहने हुए कार्यकर्ताओं और उम्मीदवार के साथ घूमता नजर आया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि रोबोट धीरे-धीरे चल रहा है, हाथ हिला रहा है, लोगों के पास जा रहा है और कुछ हद तक इंटरैक्ट भी कर रहा है। उसके गले में TVK का प्रतीक (व्हिसल) भी लटकाया गया है। आसपास खड़े लोग रोबोट को देखकर हैरान हैं। कुछ युवा उसके साथ सेल्फी ले रहे हैं, कुछ फोटो खींच रहे हैं तो कुछ उसे छूकर देख रहे हैं। उम्मीदवार वी. सेंथिल कुमार खुद रोबोट के साथ चलते हुए वोटरों से संपर्क कर रहे हैं और नोटबुक में नोट्स लेते दिख रहे हैं।
यह घटना TVK की हाई-टेक चुनावी रणनीति का हिस्सा है। कुछ दिन पहले ही पार्टी ने 3D होलोग्राम के जरिए विजय को वर्चुअली रैलियों में उतारा था। अब रोबोट के जरिए पार्टी ने ग्राउंड लेवल पर भी टेक्नोलॉजी को शामिल कर लिया है। TVK के कार्यकर्ता बताते हैं कि यह प्रयोग युवा वोटरों को आकर्षित करने और पारंपरिक राजनीति से अलग हटकर कुछ नया करने का प्रयास है।
रोबोट प्रचार का पूरा वीडियो क्या दिखाता है?
वीडियो लगभग 66 सेकंड लंबा है। इसमें रोबोट पहले कुछ कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा दिखता है, फिर सड़क पर आगे बढ़ता है। लोग उसे घेर लेते हैं। एक जगह रोबोट हाथ मिलाने जैसी मुद्रा में जाता है। उम्मीदवार सेंथिल कुमार सफेद शर्ट और धोती में रोबोट के बगल में चलते हुए वोट मांग रहे हैं। आसपास के लोग मोबाइल कैमरा निकालकर रिकॉर्डिंग कर रहे हैं। वीडियो में रोबोट की चाल थोड़ी धीमी लेकिन स्थिर है और वह पूरी तरह से पार्टी के रंगों में सजा हुआ है, जो इसे और आकर्षक बना रहा है।
यह वीडियो India Today, The Hindu, Republic World और कई अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रमुखता से कवर किया जा रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इसे “Chitti 2.0” या “TVK का सुपर रोबोट” कहकर शेयर कर रहे हैं।
TVK की हाई-टेक चुनावी रणनीति
तमिलनाडु में TVK अपनी पहली बड़ी चुनावी परीक्षा दे रही है। थलापति विजय खुद कई सीटों पर फोकस कर रहे हैं, लेकिन हर जगह उनकी शारीरिक उपस्थिति संभव नहीं है। इसलिए पार्टी ने टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है:
- 3D होलोग्राम: कुम्बकोणम और अन्य जगहों पर विजय का लाइफ-साइज होलोग्राम प्रोजेक्ट किया गया, जिसमें विजय वोटरों से सीधे बात करते दिखे।
- AI और डिजिटल टूल्स: पार्टी AI जनरेटेड आवाज और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रही है।
- अब रोबोट: कोयंबटूर साउथ में यह humanoid रोबोट ग्राउंड लेवल कैंपेनिंग का नया हथियार बन गया है।
पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि वे तमिलनाडु को “AI और डिजिटल कैपिटल ऑफ इंडिया” बनाने का वादा कर रहे हैं। विजय ने हाल ही में कन्याकुमारी रैली में कहा था कि अगर TVK सत्ता में आई तो राज्य को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का हब बनाया जाएगा। रोबोट प्रचार इसी वादे का व्यावहारिक प्रदर्शन लग रहा है।
कोयंबटूर साउथ सीट का महत्व
कोयंबटूर साउथ एक महत्वपूर्ण शहरी सीट है। यहां ज्वेलरी वर्कर्स, व्यापारी और युवा वोटरों की अच्छी संख्या है। TVK उम्मीदवार वी. सेंथिल कुमार स्थानीय मुद्दों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, रोजगार और ज्वेलरी इंडस्ट्री के विकास पर फोकस कर रहे हैं। वे एम.जी.आर. के युग की याद दिलाते हुए “जनता के नेता” की छवि बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
रोबोट का इस्तेमाल युवा वोटरों को आकर्षित करने की दिशा में एक स्मार्ट कदम माना जा रहा है। कोयंबटूर जैसे शहर में टेक्नोलॉजी–savvy युवा ज्यादा हैं, जो इस तरह के इनोवेटिव प्रचार को पसंद कर रहे हैं।
क्या कह रहे हैं लोग और विशेषज्ञ?
- आम वोटर: “रोबोट को देखकर मजा आ गया। पहली बार ऐसा कुछ देखा।” कई युवा इसे “कूल” और “फ्यूचरिस्टिक” बता रहे हैं।
- सोशल मीडिया: यूजर्स लिख रहे हैं — “TVK ने राजनीति को Sci-Fi बना दिया”, “अब चिट्टी भी वोट मांग रही है”, “होलोग्राम के बाद रोबोट, विजय का स्टाइल अलग है”।
- विपक्षी प्रतिक्रिया: कुछ विपक्षी नेता इसे “स्टंट” बता रहे हैं और पूछ रहे हैं कि रोबोट से रोजगार, बेरोजगारी या महंगाई जैसे मुद्दों का क्या समाधान होगा। लेकिन TVK समर्थक इसे “नई राजनीति” का प्रतीक मान रहे हैं।
भारतीय चुनावों में टेक्नोलॉजी का बढ़ता इस्तेमाल
यह पहली बार नहीं है जब चुनाव में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ हो, लेकिन TVK ने इसे नया लेवल दिया है। पहले दक्षिण भारत में ड्रोन, AI वॉइस, सोशल मीडिया कैंपेनिंग देखी गई है। अब humanoid रोबोट सीधे सड़क पर उतर आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में चुनावी प्रचार में AI, रोबोटिक्स और वर्चुअल रियलिटी का और ज्यादा इस्तेमाल होगा। खासकर युवा वोटरों (18-35 आयु वर्ग) को जोड़ने के लिए यह प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है।
TVK की पृष्ठभूमि
तमिलागा वेट्ट्री कझगम (TVK) की स्थापना थलापति विजय ने 2024 में की थी। पार्टी “धर्मनिरपेक्षता, भ्रष्टाचार मुक्त शासन और युवा सशक्तिकरण” जैसे मुद्दों पर फोकस कर रही है। विजय खुद तमिलनाडु की राजनीति में “एंटी-डायनेस्टी” और “क्लीन पॉलिटिक्स” की छवि बना रहे हैं। पार्टी का चुनाव चिन्ह “व्हिसल” है, जो “सच बोलने” और “अवाज उठाने” का प्रतीक माना जाता है।
कोयंबटूर में TVK कई सीटों पर मजबूत दावेदार बनने की कोशिश कर रही है। सेंथिल कुमार जैसे नए चेहरों को टिकट देकर पार्टी युवा और स्थानीय नेतृत्व को बढ़ावा दे रही है।
क्या होगा आगे?
चुनाव 23 अप्रैल 2026 को होने हैं (कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार)। देखना होगा कि रोबोट प्रचार कितने वोटरों को प्रभावित करता है। क्या यह सिर्फ वायरल स्टंट साबित होगा या वाकई वोट शेयर बढ़ाने में मदद करेगा? TVK का यह प्रयोग पूरे देश के राजनीतिक दलों के लिए एक नया मॉडल बन सकता है।
फिलहाल तो कोयंबटूर का यह रोबोट पूरे तमिलनाडु और भारत में सुर्खियां बटोर रहा है। विज्ञान और राजनीति का यह अनोखा मेल देखकर लगता है कि भारतीय चुनाव अब पारंपरिक रैलियों से आगे निकलकर डिजिटल और रोबोटिक युग में प्रवेश कर चुके हैं।
TVK का संदेश साफ है — “हम पुरानी राजनीति नहीं, नई तकनीक और नए विचारों के साथ आए हैं।”