PM Surya Ghar Yojana : PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत देशभर में अब तक 23.96 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। यह योजना के कुल लक्ष्य का लगभग 24 प्रतिशत है। सरकार ने यह जानकारी संसद में साझा की है।
यह योजना देश के आम नागरिकों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। बढ़ती बिजली लागत और ऊर्जा संकट के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आई है। इससे बिजली बिल में सीधी बचत हो रही है।
सरकार का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2026-27 तक देश के 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करना है। मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि योजना तेजी से आगे बढ़ रही है।
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PM Surya Ghar Yojana का लक्ष्य और वर्तमान स्थिति

PM Surya Ghar Yojana का मुख्य उद्देश्य रेजिडेंशियल सेक्टर में 1 करोड़ घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है। अब तक 23,96,497 घर इस योजना के अंतर्गत कवर किए जा चुके हैं। यह कुल लक्ष्य का लगभग 23.96 प्रतिशत है।
सरकार ने बताया कि 3 दिसंबर तक नेशनल पोर्टल पर कुल 53,54,099 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में घरों में सोलर सिस्टम इंस्टॉल किए जा चुके हैं। इससे योजना की लोकप्रियता साफ झलकती है।
वर्तमान में 19,17,698 रूफटॉप सोलर सिस्टम सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं। आने वाले समय में यह संख्या और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
कैसे काम करती है PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana
यह योजना डिस्कॉम आधारित मॉडल पर काम करती है। देश के सभी ऐसे रेजिडेंशियल उपभोक्ता जिनके पास स्थानीय डिस्कॉम का बिजली कनेक्शन है, वे इस योजना का लाभ ले सकते हैं। आवेदन के लिए नेशनल पोर्टल उपलब्ध कराया गया है।
उपभोक्ता पोर्टल पर आवेदन कर वेंडर का चयन कर सकते हैं। इसके बाद सोलर सिस्टम इंस्टॉल किया जाता है और नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी होती है। यह पूरी व्यवस्था पारदर्शी और डिजिटल है।
सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई तकनीकी सुधार किए हैं। इससे आम नागरिकों के लिए योजना का लाभ लेना आसान हो गया है।
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सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम
सरकार ने योजना को तेजी से लागू करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है।
नेशनल पोर्टल पर नेट मीटरिंग एग्रीमेंट के लिए आवेदन की सुविधा भी जोड़ी गई है। इससे उपभोक्ताओं को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो गई है।
इसके अलावा, वेंडर्स की सूची को भी सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्ता वाले और प्रमाणित वेंडर मिलें।
वित्त वर्ष 2025-26 का लक्ष्य
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 35 लाख घरों को कवर करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए राज्यों और डिस्कॉम्स को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। योजना को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है।
राज्यों को लक्ष्य हासिल करने के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता दी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस योजना को आगे बढ़ा रही हैं। इससे योजना की रफ्तार तेज हुई है।
सरकार को उम्मीद है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर 1 करोड़ घरों का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। मौजूदा प्रगति इस भरोसे को मजबूत करती है।
PM Surya Ghar Yojana की लागत और लाभ
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana की कुल अनुमानित लागत 75,021 करोड़ रुपये है। यह योजना 13 फरवरी 2024 को शुरू की गई थी। इसे देश की सबसे बड़ी रूफटॉप सोलर योजनाओं में से एक माना जा रहा है।
इस योजना के तहत लाभार्थियों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती है। इससे घरेलू बिजली बिल में भारी कमी आती है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सबसे अधिक फायदा हो रहा है।
इसके साथ ही यह योजना पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है। सौर ऊर्जा के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आ रही है।
PM Surya Ghar Yojana के सामाजिक और आर्थिक लाभ
यह योजना केवल बिजली बिल में राहत तक सीमित नहीं है। इससे देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक मजबूत कदम है।
रूफटॉप सोलर सिस्टम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और सप्लाई से जुड़े सेक्टर को मजबूती मिली है। इससे अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो रहा है।
लंबे समय में यह योजना बिजली ग्रिड पर दबाव कम करेगी। साथ ही आम नागरिकों को सस्ती और स्थायी ऊर्जा उपलब्ध कराएगी।
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निष्कर्ष
PM Surya Ghar Yojana ने अब तक 23.96 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़कर मजबूत प्रगति दर्ज की है। योजना अपने निर्धारित लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। सरकार के प्रयास साफ नजर आ रहे हैं।
डिजिटल प्रक्रिया, सीधी सब्सिडी और मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम ने इस योजना को सफल बनाया है। आने वाले वर्षों में यह योजना देश की ऊर्जा व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है।
यदि यही गति बनी रही, तो 1 करोड़ घरों का लक्ष्य समय से पहले हासिल किया जा सकता है। PM Surya Ghar Yojana भारत के ऊर्जा भविष्य को नई दिशा देने वाली योजना बनती जा रही है।